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मेरे अल्फाज़

मधुमास की हर अदाएँ नई हैं

Dinesh Yadav

40 कविताएं

200 Views
!! मधुमास की हर अदाएँ नई हैं!!

इबारतें नई हैं
मुस्कुराहटें नई हैं
यादें नई हैं
मधुमास की हर अदाएँ नई हैं।

फिजाएं नई हैं
बहारें नई हैं
खुश्बू नई हैं
हवाएं नई हैं
मधुमास की हर अदाएँ नई हैं।

चहक नई है
महक नई है
छटाएं नई हैं
रंगत नई हैं
मधुमास की हर अदाएँ नई हैं।

बेचैनियां नई हैं
उलझनें नई हैं
तड़पनें नई हैं
मधुमास की हर अदाएँ नई हैं।

धड़कन नई है
मचलन नई है
स्पंदन नई है
मधुमास की हर अदाएँ नई हैं।

मोहब्बत नई है
चाहत नई है
प्रीति नई है
संगीत नई है
मधुमास की हर अदाएँ नई हैं।

दिनेश यादव

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