धागे सूती हों या रेशम के फर्क नहीं पड़ता है
मन भावों का मिल जाना पक्का बंधन होता है
ऊंचे नीचे लघु होने का मोती माला ने कब सोंचा
एक डोर में सबके बंधने से ही रक्षाबंधन होता है..
-दिनेश चौहान
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