रोना गाना जीना मरना
ऐसा प्रेम मुझे नहीं करना.
राहें तकना पीछा करना
गलियों में छुप छुप चलना
सीढ़ी चढ़ना और उतरना
ऐसा प्रेम मुझे नहीं करना.
रात अकेले सिसकी भरना
सिर पे तकिया को रख लेना
बाहर बैठ कर तारे गिनना
ऐसा प्रेम मुझे नहीं करना.
जो जीवन में जहर घोल दे
दुख दे उसको खुशी बोल दे
मजनूं जैसा कठिन रोल दे
ऐसा प्रेम मुझे नहीं करना.
खुली किताब जीवन जिसका
सादा पन्ना हो हर एक उसका
स्याही कलम दवात हो अपनी
लिख कर प्रेम मुझे वो करना.
-दिनेश चौहान
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