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बीते लम्हो की नासियत

                
                                                         
                            कहा जाता है -
                                                                 
                            
जो बीत गई सो बात गई
पर हर बात आपने पीछे छाप छोड़ जाती है
हर कड़वी याद, तजुर्बा बन
जीने की एक नई राह मोड देती है
आने वाले कल को और भी हसीन बनाती है,
उम्मीदों की तूलिका में फिर
नए रंगों से सजाती है।
जो छूट गया सो छूट गया,
उस बीते कल का मलाल न कर,
जो उड़ चुका हवाओं में,
उस गुबार पर सवाल न कर।
मुस्कुरा कर बढ़ जा आगे तू,
आज की इस नई भोर में,
ख्वाबों की डोर को और मजबूत कर।
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45 मिनट पहले

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