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सेवा संकल्प में न हो शरारत है

                
                                                         
                            मेरे सपनों का भारत है
                                                                 
                            
करनी हासिल महारत है
ये हम अपनों का भारत
करनी हासिल महारत है
हर बच्चा,व्यक्ति शिक्षित करना
दिल सच्चे से दीक्षित करना
कर तकनीक प्रयोग,न हो हरारत है
मेरे सपनों का भारत है
करनी हासिल महारत है
जन सेवा सबसे बड़ी
देश सेवा सबसे बड़ी
हर व्यक्ति सुधर जाए
इसमें न कोई,स्वारथ है
मेरे सपनों का भारत है
करनी हासिल महारत है
कौशलपरक हो शिक्षा
जीवनोपयोगी हो शिक्षा
सब देश को ले जाएं आगे
हर वर्ग की इच्छा है
सेवा संकल्प में न हो शरारत है
मेरे सपनों का भारत है
करनी हासिल महारत है
कोई क्षेत्र अछूता ना हो
हर क्षेत्र में वाह वाह हो
ये भारत के नवयुवकों की
बनी नई अदालत है
मेरे सपनों का भारत है
करनी हासिल महारत है
सच का सामना सच में
खाली तीर नहीं तरकश में
विश्व गुरु विकसित भारत
बनाना व्रत नहीं महाव्रत है
मेरे सपनों का भारत है
करनी हासिल महारत है।
-धीरेन्द्र सिंह "धुरंधर"*
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2 घंटे पहले

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