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एक दिन तो रोना ही है!

                
                                                         
                            एक दिन तो रोना ही है!
                                                                 
                            

चाहे अलग होने की हो
या अलगाव होने की
निश्चित है एक दिन तो रोना ही है!

माता-पिता की छाया के लिए हो या,
परिवार संतृप्ति के लिए,
निश्चित रूप से एक दिन तो रोना ही है!

बचपन के निष्पाप खिलौनों से लेकर
जवानी के अनगिनत ख्वाबों तक,
सपनों के धीरे-धीरे टूट जाने पर,
निश्चित रूप से एक दिन तो रोना ही है!

सच्चे मित्रों के संग बिताए वो लम्हे,
और छूटती हुई वो पुरानी गलियाँ,
पुरानी यादों के धुंधले पन्नों पर
निश्चित रूप से एक दिन तो रोना ही है!

जीवन की इस अनवरत भागदौड़ में,
अपनों को पीछे छूटते देखकर,
गहरे अकेलेपन की उस शांत घड़ी में,
निश्चित रूप से एक दिन तो रोना ही है!

अहंकार और अभिमान के झूठे पर्दों में,
गंवा दी जो अनमोल मोहब्बतें,
उस मूक पछतावे की दहलीज पर
निश्चित रूप से एक दिन तो रोना ही है!

मेहनत के पसीने से सींची जो ज़मीन,
उस पर उगी जब बेरुखी की फसलें,
दिल के टूटे हुए कांच के टुकड़ों पर
निश्चित रूप से एक दिन तो रोना ही है!

आखिरी सांसों के मोड़ पर आकर,
संसार के सारे मोह-बंधन खोलकर,
इस मिट्टी के शरीर से विदा लेते हुए
निश्चित रूप से एक दिन तो रोना ही है!

 
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एक घंटा पहले

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