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देखो उड़ी पतंग

                
                                                         
                            देखो-देखो उड़ी पतंग,
                                                                 
                            
आसमान में लड़ी पतंग।

नीली-पीली, काली-लाल,
सब हैं अनूठी, बेमिसाल।

गजब है इनका रंग-रूप,
उड़ती-मचलती छांव-धूप।

पूंछ बांध उड़ जाती दूर,
ढील देना लेकिन जरूर।

उत्सव की है खूब बहार,
मुझे है पतंगों से प्यार।

- मेराज रज़ा

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8 वर्ष पहले

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