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तुम्हारे मुंह पर एक पैगाम लिखूंगा।

                
                                                         
                            तुम्हारी यादों को दिल में संजोकर,
                                                                 
                            
मैं आज तुम्हारे मुंह पर एक पैगाम लिखूंगा।

तुम रहती हो सदा धड़कनों में मेरी,
मैं तुम्हारे मुंह पर एक किताब लिखूंगा

तेरे ओठों कि मुस्कान तेरे मुंह पर हर शाम लिखूंगा
दिन के उजाले में महसूस करता हूँ तुम्हें
इंतज़ार में तुम्हारे एक शाम लिखूंगा

मैं ऐसी मिसाल हर बार तेरे मुंह पर लिखूंगा
ना कोई डर मुझे इस दुनिया के रसूलों का
मैं अपने प्यार को सरेआम तेरे मुंह पर लिखूंगा

मैं ऐसी हर दुआ तुम्हारे नाम लिखूंगा।
तुम्हारे मुंह और आठों कि मुस्कान हर शाम लिखूँगा

मैं हर बार तुम्हें अपनी जान तुम्हारे मुंह पर लिखूंगा
तुम रहती हो सदा धड़कनों में मेरे
मैं तुम एक किताब लिखूंगा।
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10 घंटे पहले

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