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मकर संक्रांति पर्व है सुहाना

                
                                                         
                            गुड़, तिल, और गजक का बहुत स्वाद दिखाये ।
                                                                 
                            
मकर संक्रांति का पर्व सबके घर में खुशियां लाए।।
पतंग उड़े मन की उम्मीदों की जो दूर गगन तक जाये ।
अनन्त आकाश में पहुंच कहीं मन में उम्मीद जगाये ।।

कल हो या न हो कहीं सबेरा सूरज अपना रंग जमाये ।
पूस मास की सर्दी से आकर गर्मी की अलख जगाये ।।
उत्तरायण का आगाज़ हुआ उम्मीदों का आकाश हुआ।
दूर गगन से बरसें खुशियां गर्मी का अहसास हुआ ।।

जीवन का है अनमोल कथन जीवन में हों सारे रंग ।
ऱंग बिरंगी पतंगों में संदेश छुपा जीवन में बड़ी उमंग ।।
जब जब जीवन का सोपान सजे उम्मीदों का साज सजे।
समझो उत्तरायण सूर्य हुआ दुखों का बादल फिर घटा ।।

हिन्द की धरती कहती है जहां विभिन्न संस्कृति बसती है,
राग भेद से दूर कहीं जहां जीवन की हरियाली खिलती है
सूरज में गर्मी मचलती है चिड़िया चहकने को चलती है ।
हर तरफ़ मौसम सुहाना है ठंड का उतरता सिराना है ।।

चन्द्र शेखर मार्कंडेय
ग्राम महमदी अफजल पुर लूट
पोस्ट कौराला मंडी धनौरा
जनपद अमरोहा उत्तर प्रदेश
पिनकोड 244231
मोबाइल नंबर 8192078541

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5 वर्ष पहले

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