रफ़्तार जिन्दगी की रुक न जाये कहीं ।
रेस पर हाध रखने से पहले सोचना सही ।
जिन्दगी आपकी है सोचना आपको है ।
आपकी रफ़्तार आपको खा न जाये कहीं ।।
बढ़ रही सर्दी में हाथ जकड़ न जाये कहीं ।
सोच समझकर चलिए रफ़्तार रुक न जाये कहीं ।।
आदमी की जिंदगी खिलौना बन कर रह न जाए कहीं ।
रेस पकड़ने से पहले जरा अपने बारे में सोचना सही ।
हेल्मेट सीट बैल्ट दस्ताने प्रयोग करना जरूर ।
जिन्दगी आपकी है इस पर सोचना हुजूर ।।
खुद सुरक्षित रहें दूसरों को भी सुरक्षित रहने दें ।
चलते समय किसी को भी परेशान न होने दें।।
आगे निकलने के चक्कर में चोट खा न जाये कहीं ।
कोहरे में अपनी गाड़ी को ज़रा आराम से चलने दें ।।
परिवार की देखभाल खुद आपको करनी है ।
अपने जीवन को परिवार के लिए सुरक्षित रहने दें ।।
जीवन की रफ्तार रुक न जाये कहीं ।
रेस पर हाध रखने से पहले थोड़ा सोचना सही ।।
- चन्द्र शेखर मार्कंडेय
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