लिए हाथ लक्ष्य महान,
चढ़ना है चार आसमान,
ताना मारे दुनिया जहां ,
करे दुनिया यूं परेशान,
कठिन मार्ग है
जटिल है दुनिया
नही है यहा कुछ भी आसान,
पिता मजदूर हैं या हैं किसान
कैसे खाये सूखी सब्जी और पिसान,
हाथ है लाल पड़े निसान,
संघर्ष है यूंही जारी,
हम भी बने नेक इंसान,
छूने को नभ आसमान। ।
---चंदन राय
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