मैं खेतों में उगता हूँ,
मैं फौज में भी लड़ता हूँ,
मैं बदनपुर के घर का उजेला हूँ,
मैं हमीरपुर की शान हूँ,
मैं उत्तर प्रदेश की पहचान हूँ,
मैं हिंदी का कवि हूँ,
मैं राष्ट्र का स्वरूप हूँ,
मैं मंदिर भी हूँ,
मैं मस्जिद भी हूँ,
मैं हर भारत के लोगों के बीच बसता अरमानों का डेरा भी हूँ,
ना मुझे खरीद सकते हैं,
ना मुझे बेच सकते हैं,
मैं पुष्पेन्द्र कुमार राजेश्वरी हूँ,
मैं इस देश की जान हूँ,
मैं भारत हूँ,
मैं भारत का सच्चा वीर हूँ,
मैं भारत की जान हूँ,
मैं माँ भारती का सपूत हूँ,
मैं हर हिंदुस्तानीवासी का अरमान हूँ,
मुझे पहचानों -
मैं भारत हूँ,
मैं भारत का सच्चा वीर हूँ।
- पुष्पेन्द्र कुमार राजेश्वरी
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