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तुम बिन रह नही पाऊंगा

                
                                                         
                            तुम बिन रह नही पाऊंगा मै,
                                                                 
                            
तड़प-तड़प कर मर जाऊँगा।

सूनी करके मेरी दुनिया,
छोड़कर मत जाना तुम,

कसम है रानी, कसम है
तुम्हें मेरे प्यार की,
तुम बिन रह नही पाऊंगा
सुन लो बाते इस दिलदार की।

कोई ठिकाना नहीं इस तन का,
कोई सहारा नहीं है,
तेरे बिना मेरा गुजारा नही।

मेरी साँसों की हर डोर
अब तुम्हारे ही हाथ में है,
मेरी हर धड़कन, मेरी हर खुशी,
तुम्हारे साथ में है।

मेरी जिंदगी लिखी है जैसे तुम्हारे ही माथे में,
मेरा हर सपना बसा है तुम्हारी ही आँखों में।

तुम साथ रहो तो हर मौसम प्यार का पैगाम लगे,
तुम दूर रहो तो ये जीवन भी अधूरा-सा नाम लगे।

बस इतना वादा कर दो, मेरा हाथ न छोड़ोगी तुम,
इस जन्म की हर धड़कन में, मेरा साथ निभाओगी तुम।

रह नहीं सकूँगा तेरे बिना, यही दिल की पुकार हो,
तुम ही मेरी जिंदगी हो, तुम ही मेरा संसार हो ।
- भुनेश्वर अनंत
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
45 मिनट पहले

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