सूना सा यह आँगन कर गए दादा,
आँखों में एक समंदर भर गए दादा।
हमारी हर राह के आप ही उजियारे थे,
हमारे जीवन के सबसे मजबूत सहारे थे।
आपकी वो हर एक प्यार भरी समझाइश,
मुस्कुरा कर पूरी करना हमारी हर गुज़ारिश।
आज भी हवाओं में आपकी आवाज़ आती है,
दादा, आपकी कही हर बात बहुत याद आती है।
भले ही आप नज़रों से दूर चले गए हैं,
पर हमारी यादों के भीतर ठहर गए हैं।
आपके दिखाए पथ पर ही हम आगे बढ़ेंगे,
दादा, आपके संस्कारों को हम कभी न भूलेंगे।
हमारी हर प्रार्थना में सिर्फ आपका ही नाम है,
दादा, आपके पावन चरणों में हमारा शत-शत प्रणाम है।
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