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देवी मां

                
                                                         
                            सुन किस्से तेरे उपकार के , ओ भवानी मैया
                                                                 
                            
नयनों में ज्योति पाने, अधरो में सुर-वाणी मैया
तेरे दर पे सांझ सबेरे आते नित-नए प्राणी मैया ।

मैं नादान, भला क्या जानूं पूजा पाठ की परिभाषा मैया
यूं ही गाता रहूं कह आस की अंतिम अभिलाषा मैया
कह स्नेह की श्रृंगार मैया, कह ममता की भाषा मैया ।

चन्द प्रश्न चिन्ह है चित्त पर, लगाओ इनपर विराम मैया
सर्व शून्य में उलझा है ह्रदय, करो स्थिर यह संग्राम मैया
निज दस भुजाओं से लो इन ऊसर हाथों को थाम मैया ।

मन में पनपे महिषासुर रूपी विचारों का संहार करो मैया
ढंक निज आंचल से अपने बालक का उद्धार करो मैया
अर्पण करता हूं शब्दों की पुष्पांजलि, स्वीकार करो
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2 वर्ष पहले

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