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कभी दूर जाने की ज़िद...

                
                                                         
                            एक हूक सी उठती है,
                                                                 
                            
दिल ठहर सा जाता है,
जब-जब तेरी याद आती है।
कितने सपने, कितनी यादें,
मन की परतों-परतों पर।
उम्मीद भरी तेरी बातें,
एक नयी दुनिया सजाती हैं,
जब-जब तेरी याद आती है।
तेरा चलना, तेरा मचलना,
तेरा मुस्कुराना, तेरा गुनगुनाना।
तेरा आना, तेरा जाना,
बिस्तर पर पड़ी सलवटें...
सब याद है मुझे।
तेरा रूप, जैसे सर्दी की
सुबह की मीठी धूप।
कभी करीब आने की धुन,
कभी दूर जाने की ज़िद...
सब याद है मुझे।
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3 घंटे पहले

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