धर्म क्या है.....?
प्रश्न एकदम सरल व सहज़ है
पर उत्तर ज़रा जटिल है
मैंने भी सुना है---
देह का धर्म
हाथ का धर्म
मानव धर्म
पड़ोसी धर्म
मित्र धर्म
शत्रु धर्म
युद्ध धर्म
धर्म युद्ध
इसके अलावा भी धर्म है।
हिन्दू धर्म
इस्लाम धर्म
सिक्ख धर्म
जैन धर्म
ईसाई धर्म
पारसी धर्म
बौद्ध धर्म आदि आदि
और भी दूसरे धर्म हैं।
इंसानियत का धर्म
मानवता का धर्म
परोपकार का धर्म
समाज का धर्म
राष्ट्र का धर्म
न्याय का धर्म
इसमें आपके मन भाने वाला धर्म भी है।
मज़हब धर्म नहीं होता
रिलीज़न धर्म नहीं होता
धर्म में भ्रम नहीं होता
भ्रम में धर्म नहीं होता
मंथन के पश्चात का निष्कर्ष निकला-
अहिंसा परमो धर्म:
जहाँ दया तहँ धर्म
मानवता सबसे बड़ा धर्म।
'हमने स्वार्थवश बदल डाली परिभाषा
अधर्म से ही पूरी होती नित अभिलाषा
सुविधाभोगी मानव में जागी नई आशा
येन केन प्रकारेण पूरी हो अपनी मनीषा।'
अमन चैन सुख शांति
लाने का माध्यम -- परमो धर्म:।
नेक करम और सदाचार
की कमाई --- परमो धर्म:।
"धर्म की रीति कुशल व्यवहारा
अशोका धर्मनीति क्लेशाहारा
दीन दुखियों को जो देई सहारा
क्षुधा पीड़ितों को जो देई अहारा
सोई में धर्म बसे अशोका निहारा।"
सच्चा व्यवहार धर्म है।
नेक नियति का राह धर्म है।
परमारथ का काज धर्म है।
-अशोक
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