सहारा मिल अगर जाए, जड़ों को भूल मत जाना
किसी लड़के की खातिर तुम, घरों से दूर मत जाना
वो जो करता है तारीफें, जमाने भर के लोगों से
बहुत उम्मीद है तुम पर , उसे तुम तोड़ मत जाना
-आशीष सिंह
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X