सुकून-ए-दिल ना मिला ढूंढते फिरे हर सू।
ऐ ज़िंदगी तेरे बस में तो सारी ख़ुदाई थी।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X