मत बर्बाद कर वक़्त गलत जगहों पर,
जो चीज़ अंदर है बाहर नहीं मिलेगी II
मत ढूंढ मेरी तस्वीर पुराने कागज़ों में,
दिल के अंदर झांक वहीं पे कहीं मिलेगी II
लौट के न आएगा बीता हुआ लम्हा,
ये पल ये जो घड़ी है दोबारा नहीं मिलेगी II
- अरविन्द कुमार अग्रवाल
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