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गले नाग हारा चित भस्म धारी

                
                                                         
                            अनंता शिवात्मा परात्मा प्रमाता
                                                                 
                            
अभेदी अछेदी अनादी विधाता
कृपासिंधु ज्ञानी महायोग राजा
नमामीश ओंकार कैलासवासी

जटाजूट गंगा धरे भाल चंद्रा
उमानाथ ध्यानी तजे योग तंद्रा
रमाये भभूती बने जो विरागी
नमामीश ओंकार कैलासवासी

अजेया अभेद्या अगम्या अगोचर
चराचर जगत् में रमे जो निरंतर
महामोह माया तजे जो प्रकाशी
नमामीश ओंकार कैलासवासी

श्मशानो विहारी भयंकर अघोरी
महाशक्ति शाली कपाली कठोरी
गिरीशा गणेशा सुरेशा महेशा
नमामीश ओंकार कैलासवासी

उमा अंग वामे सजे जो भवानी
जिन्हें पूजते देव गंधर्व ज्ञानी
परा ब्रह्म वेदांत गावे सुवाणी
नमामीश ओंकार कैलासवासी

कपाला त्रिशूला करो में सजाये
सदा भक्त के ताप काटे बचाये
विधाता कृपा के सदा शांत वासी
नमामीश ओंकार कैलासवासी

ललाटे सजे तीसरी आंख न्यारी
बने यक्ष राजा कुबेरा सखा भी
अपर्णा पती पुण्य राशी सुहासी
नमामीश ओंकार कैलासवासी

गले नाग हारा चित भस्म धारी
भवं वेद सारा महा निर्विकारी
मनोजं जलाये बने जो विनाशी
नमामीश ओंकार कैलासवासी
-भानु शर्मा रंज
 
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54 minutes ago

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