संकट में वीर नहीं घबराते हैं
पर कायर देख कर शत्रु डर जाते हैं
वीर बाधाओं में आगे बढ़ते जाते हैं
वीर सुख दुःख में नहीं अकुलाते हैं
वीर पहाड़ों को काट कर राह बनाते हैं
वीर देख संकट,शेर सा अड़ जाते हैं
वीरों का गुणगान होता है
वीरों का सम्मान होता है
वीरों का स्वाभिमान होता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X