करना है बड़ा व्यापार
बनना है साहित्यकार
बनना है कलाकार
पाना है सच्चा प्यार
बचाना है संसार
जोड़ना है दिलों के तार
पाना है सेवा सत्कार
बहाना है कविता की धार
करना है हुंकार
आईए मुजफ्फरपुर में
बस जाईए मुजफ्फरपुर में
लीची की मीठास लिए
बहुत बड़ी आस लिए
और बड़ा विश्वास लिए
खड़ा है एक शहर हाथों को फैलाए
एक बार आप आएं
फिर हम नहीं बुलाएंगे
आप बार-बार बिन बुलाए आएंगे
ऐसा यह शहर है
ऐसा यहां का सहर है
सेवा में लोग यहां हर प्रहर हैं
हां यह मुजफ्फरपुर शहर है
बाबा भोलेनाथ का यह शहर है
जानकी जी का यह शहर है
दिनकर जी का यह शहर
राजेन्द्र प्रसाद का यह शहर है
जार्ज फर्नांडीज का यह शहर है
आम जामुन साग सब्जी का यह शहर है
सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'का शहर है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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