आईए काश्मीर में
स्वर्ग से सुंदर काश्मीर में
मार्च से अगस्त के बीच में
गर्मी में आराम पाइए
वसंत ऋतु में आइए
स्वर्ग सुख पाइए
दिसंबर से फरवरी में आइए
बर्फ से ढकी पहाड़ियां
लेती हैं अंगड़ाइयां
यहां हरे भरे पहाड़ हैं
फूलों के बागान हैं
हस्तशिल्प कला देखिए
डल झील की छटा देखिए
शिकारा की सवारी कीजिए
धरा का स्वर्ग
है यहां गुल मर्ग
हैं पहलगाम व सोन मर्ग
शालिमार्ग बाग देखिए
मुगल गार्डन देखिए
केसर,कश्मीरी कहवा,वाजवान
पाश्मीना वाल्स,अखरोट और बादाम
खुबानी खाइए
काश्मीर आईए
स्वर्ग सुख पाइए
प्राकृतिक सुंदरता यहां भरमार है
यहां एक स्वर्ग से सुंदर संसार है
यहां के लोग होते हैं सुंदर
लोगों का व्यवहार और सुंदर
स्वर्ग कहीं है धरा पर
तो वह है यहीं पर
है यहीं पर।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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