घर घर-घर में राम हैं
घर-घर में श्याम हैं
घर-घर में सीता हैं
घर-घर में गीता है
पर उनसे पहचान करना अभी बाकी है
उन जैसा बनना,बना रहना अभी बाकी है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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