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प्यार का शहर मुजफ्फरपुर

                
                                                         
                            मैं प्यार के शहर से
                                                                 
                            
मैं मुजफ्फरपुर शहर से
मैं लीची की मीठास के शहर से
मैं बाबा गरीबनाथ के शहर से
मैं जानकी जी के शहर से
मैं जार्ज फर्नांडीज के शहर से
मैं खुदीराम बोस के शहर से
मैं सहज कुमार के शहर से
मैं उमंग, उल्लास के शहर से
मैं शांत शहर से
मैं क्रांति के शहर से
मैं सस्ते शहर से
मैं सूतापट्टी के शहर से
मैं निकलता घर से
मैं बात करता सारे शहर से
जहां खाना पीना सस्ता मिले
जहां बगिया प्यार की खिले
जहां जाने पर शांति मिले
जहां ताड़ तरकुल से शहर सजा है
इस शहर का अलग एक मजा है
यह हर कला का शहर है
यह मेरा मुजफ्फरपुर शहर है
यहां राष्ट्रीय हवाई अड्डा है
यहां अंतरराष्ट्रीय रेल अड्डा है
यह साहित्यिक शहर है
यह सांस्कृतिक शहर है
यह ऐतिहासिक शहर है
यहां से यूं.पी.बंगाला पास में है
यह शहर अभी और आस में है
यह शहर विकास में है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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6 घंटे पहले

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