आज कल पुरस्कार
पर है राजनीति सवार
जबकि पाकर पुरस्कार
बढ़ता है हमारा उत्साह
इंसान पकड़ता है सत्कर्म की राह
सबको है पुरस्कार
पाने की चाह
मान सम्मान पाने की चाह
आज भूखा है हर इंसान
कि मिले मान सम्मान
सब चाहता है कि जाने उसे दुनिया जहान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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