आत्मा के लिए नित ध्यान
स्वच्छता के लिए नित स्नान
तन के लिए नित व्यायाम
मन के लिए नित प्राणायाम
योगासन सुबह-शाम
सुबह सुबह टहलना
आधा घंटा चलना
करता है चमत्कार
चमकता है अनुहार
तब चाहता है संसार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X