बलिया में बैरिया मेरा घर
पर छपरा पास का शहर
दूर है लखनऊ मेरी राजधानी
पर पास पटना है बिहार की राजधानी
लगे अच्छा मुझे मेरा मुजफ्फरपुर शहर
सीधे है रेल का सफर
बलिया में सब्जी अनाज का भंडार
मुजफ्फरपुर में हर चीज का भंडार
जो खोजिए वह मिलेगा
जब खोजिए तब मिलेगा
मेरे मुजफ्फरपुर में
जाते कहां आप दूर में
ऐतिहासिक स्थान है यह नगरी
सांस्कृतिक, साहित्यिक की यह नगरी
है आध्यात्मिक यह नगरी
आज से नहीं अंग्रेजों के काल से
है यह अच्छा हमेशा हर हाल में
यहां हवाई अड्डा है
यहां व्यापारिक अड्डा है
बम भोले की नगरी यह
आजादी के दीवानों की नगरी यह
यहां आईए
सब सुख पाइए।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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