जो अन्न,वायु,जल दे
जीने का संबल दे
ईश्वर वही है
वृक्ष ईश्वर से कम नहीं हैं
ये ईश्वर ही हैं
तभी तो पुर्वज हमारे
इनकी आरती उतारे
हम इनको काट डाले
हम इतनी मूर्खता क्यों कर डाले?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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