प्यार से कोई हाथ मिलाए
प्यार से कोई हाथ हिलाए
अच्छा लगता है
प्यार जब जगता है
प्यार से जब कोई हाथ बढ़ाए
प्यार से जब कोई खिलखिलाए
प्यार से जब कोई मुस्कुराए
प्यार का भूखा हर इंसान है
प्यार पर होते हम बलिदान हैं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X