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गया पावन धरती

                
                                                         
                            विश्व के कोने कोने से लोग गया में आते हैं
                                                                 
                            
मंगलागौरी के चरणों में आकर शीष झुकाते हैं
पिंडदान करके फल्गु नदी में लोग नहाते हैं
फल्गु के किनारे विष्णु पद मंदिर में शीष झुकाते हैं
वटवृक्ष अक्षय वट,सीताकुंड में शीष नवाते हैं
है यहीं राम शिला पर्वत
है यहीं ब्रह्मा योनि पर्वत
लोग यहां प्रेतशिला का दर्शन करने आते हैं
गया जी है तपोभूमि यहां लोग श्रद्धा से आते हैं
है यह मोक्षदायिनी धरा
है यह ज्ञान दायिनी धरा
है यह ऐतिहासिक,सांस्कृतिक,साहित्यिक स्थान
जहां स्वयं आए थे विष्णु भगवान
जहां गयासुर ने तप किया है यह वही पावन स्थान
जहां सिद्धार्थ आकर बुद्ध बन जाते हैं
सड़क से,रेल से,पवन से जैसे चाहें आप आएं
आकर आशिर्वाद गया जी का पाएं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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एक घंटा पहले

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