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देश प्रेम के भाव जगाओ

                
                                                         
                            घर घर में देश प्रेम के भाव जगाओ
                                                                 
                            
स्वदेश में एकता के भाव जगाओ
अनेकता में एकता के भाव लाओ
घर घर में तप त्याग का पाठ पढ़ाओ
स्वदेश को और बलवान बनाओ
स्वदेश को विकसित देश बनाओ
सबको बलिदान का पाठ पढ़ाओ
सबका स्वाभिमान आज जगाओ
सबको अमरता का पाठ पढ़ाओ।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

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