हम उस देश के वासी हैं
जहां घोड़े हाथियों में भी देश भक्ति है
हम उस देश के वासी हैं
जहां खेतों खलिहानों में भी देश भक्ति है
हम उस देश के वासी हैं
जहां गंगा,यमुना,कृष्णा,कावेरी बहती है
हमारे हर जवान में राणा शिवा सी शक्ति है
छल कपट हममें नहीं है
तभी तो तुम अक्साई चिन हड़प लिए
आ रहा है समय पाई पाई का हिसाब हम करेंगे
भगतसिंह राजगुरु की शपथ लिए
एक एक कतरे का हिसाब हम करेंगे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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