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सारी भाषाएं हैं हिंदुस्तानी

                
                                                         
                            कोई संस्कृत बोले
                                                                 
                            
कोई अंग्रेजी बोले
कोई हिंदी बोले
कोई उर्दू बोले
कोई मगही बोले
कोई भोजपुरी बोले
कोई मैथिली बोले
कोई बंगाली बोले
कोई मराठी बोले
कोई कन्नड़ बोले
कोई मलयालम बोले
कोई ओड़िया बोले
कोई नेपाली बोले
कोई पंजाबी बोले
कोई काश्मीरी बोले
कोई कोई भाषा बोले
भाषाएं हैं अनेक
पर हम हैं एक
कोई बोले राजस्थानी
सारी भाषाएं हैं हिंदुस्तानी
बस हैं हम हिंदुस्तानी
हैं हम बलिदानी
चलें चाल मस्तानी
चलें चाल हम तूफानी
हैं हम हिंदुस्तानी।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

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