सूरज के उगते ही भागता अंधकार है
शेर के निकलते ही मचता हाहाकार है
क्यों न बनें हम सूरज दूर करें अंधकार
क्यों न बनें हम शेर दें शत्रुओं को ललकार?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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