हैं हम सभी सदा से समान
तो भी कोई पाता अपमान
किसी का होता है सम्मान
ऐसी असमानता क्यों है?
मरती मानवता क्यों है?
दिखती दानवता क्यों है?
समाज हमारा एक बनेगा
समाज हमारा नेक बनेगा
होगा तभी सबका उत्थान
विकसित होगा हमारा हिंदुस्तान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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