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बहे जहां गंगा

                
                                                         
                            बहे जहां गंगा
                                                                 
                            
फहरे जहां तिरंगा
जहां के लोग भला चंगा
जहां है गंगा का मैदान
जहां हैं अस्सी साल के जवान
जिस देश पर प्रकृति मेहरबान
जहां हैं नदी,समंदर,पठार और मैदान
जहां है हिमालय हमारा दरवान
जहां एवरेस्ट छूता आसमान
जहां उड़ता पुष्पक विमान
जहां है आसमान से ऊंचा स्वाभिमान
जहां श्रिषि मुनि लगाएं ध्यान
जहां हैं पृथ्वी राज चौहान
जहां हैं वीर हनुमान
जहां है गीता का ज्ञान
जहां हैं वेद उपनिषद पुराण
जहां हैं रामायण और कुरान
जहां कई रूपों में आते भगवान
जहां है आन बान शान
जहां हैं बिहार,यू.पी.,राजस्थान
वही है देश हमारा हिंदुस्तान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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17 घंटे पहले

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