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राष्ट्र भाषा हिन्दी

                
                                                         
                            राष्ट्र प्रेम की जननी भाषा
                                                                 
                            
शब्दों की पक्तियों से
देश का प्रेम, दर्शाती है

अव्वल दर्जे पर शीर्ष टीका के
देश की संस्कृति, सभ्यता बनाती है
हर क्षेत्र में हिंदी भाषा को ही
जननी भाषा बनाना है।

पहचान को बढ़ाना है
ज्ञान से सफल बनाना है
हिंदी भाषा को अव्वल
देश की भाषा बनाना है।
राज्य भाषा से बढ़कर
हिंदी को देश की भाषाओं
में गिनती कराना है।

अंजू कंवर
जयपुर (राजस्थान)


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले

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