किसी की रातें निकल गई, उस इंतज़ार में
किसी की वो बातें रह गई, उस दिमाग मे
किसी के आंसू रह गए, उस याद में
किसी को फर्क भी न पड़ा, किसी के साथ में
किसी की रातें निकल गई, उस इंतज़ार में
किसी की वो बातें रह गई, उस दिमाग में
किसी की ज़िन्दगी निकल गई, उस एक याद में
किसी की रौशनी रह गई, बस उस चाँद में
किसी की रातें निकल गई, उस इंतज़ार में
किसी की वो बातें रह गई, उस दिमाग में |||
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