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कारवां नहीं मिला

                
                                                         
                            सब कुछ तो मिल गया पर क्या नहीं मिला
                                                                 
                            
मिलता सुकून जिससे वाकया नहीं मिला
रह रह के देखते रहे एक दूसरे को वे
जब बात करने का कोई मुद्दा नहीं मिला
मुमकिन नहीं भी है तो क्या मिलने की चाह है
आसमां को जमीं, जमीं को आसमां नहीं मिला
ठुकराना जिसकी आदत,उसे भी है शिकवा
उससे कभी मैं आशना होकर नहीं मिला
जाता हूं आज पूछने उस आदमी का हाल
नाकामियों से जिसे कभी धोखा नहीं मिला
उसने कहां न खोजा मुझ जैसा कोई और
उसको कहीं भी मेरा नमूना नहीं मिला
आए हो खेल में तो तुम भी मिला लो हाथ
हमको हमारे जोड़ का वरना नहीं मिला
चलना अकेले सफ़र में आता किसे है रास
मिलता मेरा मिजाज , वो कारवाँ नहीं मिला
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एक घंटा पहले

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