तुम मुझे फिर मिलना
तबलें की ताल बनकर
वीणा की झंकार बनकर
दुःख में सुख बनकर
बारिश में छाता बनकर
तुम मुझे फिर मिलना
किसी कविता की
अविस्मरणीय पंक्तियाँ बनकर
प्रेम पर आधारित किसी
उपन्यास का विराम बनकर
सुबह-सुबह घास पर तुहिन-कण बनकर
पक्षियों के वृंद का कलरव बनकर
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