आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Rain song

मेरे अल्फाज़

वर्षा गीत

AL Mishra

6 कविताएं

384 Views
बरस रहे बदरा बरस रहे बदरा

बरस रहे बदरा ओ मोरी गुइयाँ।।

उमड़ रहे बदरा घुमड़ रहे बदरा

बरस रहे बदरा ओ मोरी गुइयाँ।।

गरज रहे बदरा ,बरस रहे बदरा।

दमकि रही दामिनि,डरपि रह्यो जियरा।

नाच रहे केकी ,गाय रहे भेकी।

झूम रहे पादप ,ओ मोरी गुइयाँ।। बरस रहे --

ताल तलइयान में छायो है यौवन।

इठलाइ रहीं नदियाँ ओ मोरी गुइयाँ।

`जिन सखियन के घर में हैं साजन।

झूम रही सखियाँ ओ मोरी गुइयाँ।। बरस रहे ---

हमरे साजन विदेसवा में छाये।

सूख रहा तनवा ओ मोरी गुइयाँ।

बरस रहे बदरा गरज रहे बदरा।।

ओ मोरी गुइयाँ---।।

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।



 
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!