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नीति के दोहे

                
                                                         
                            संतान
                                                                 
                            
संतान की करनी से , कुल की इज्जत होय।
संतान की करनी से , वंश कलंकित होय।।

लोक सेवक

कहने को लोक सेवक , वे साहब कहलाय।
डिजिटल सुनता नहि कोई, फरियादी बुलवाय।।

--अशर्फी लाल मिश्र , अकबरपुर ,कानपुर।


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7 वर्ष पहले

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