मेरे सजना हैं रूठे-रूठे ,मनाऊँ कैसे ?
मेरे सइयां बसे परदेश ,जाऊँ कैसे ?
मेरे बलमा की बड़ी-बड़ी अँखियाँ,
एक पल देखें मैं होऊँ निहाल।
मेरे सइयाँ की बड़ी-बड़ी बहियाँ ,
भर लेयँ अंक में ,होऊँ निहाल।
मेरे सइयाँ बसे परदेश ,
कैसे भेजूं संदेश ?
मेरे बलमा की अजब है चाल,
पल में नभ में ,पल में पताल।
मेरे बलमा के ऊँचे अवास ,
जाऊं कैसे ? मेरे सजना हैं ----
मेरी वाणी में कडुवे बोल ,बुलाऊँ कैसे ?
मेरी सूरत है रूप-कुरूप ,लुभाऊँ कैसे ?
सइयां का मारग बड़ा भयंकर,
पथ में कांटे, नुकीले हैं कंकर।
ऊबड़ -खाबड़ नदी और नाले,
चलत -चलत पड़ गये हैं छाले।
कैसे आकर मिलूँ मैं सइयां,
रूठे -रूठे मेरे हैं सइयां।
मुझ पातक पर कुछ दया करो
आकर दरस दिखाओ मेरे सइयां।
मेरे सजना हैं रूठे-रूठे ,मनाऊं कैसे ?
मेरे बलमा बसे परदेश, जाऊँ कैसे ?
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