पुरुष का अर्थ
पुरूष
शब्द क्या?
मर्यादा पुरुषोत्तम
अपने धर्म,
का मार्ग,
और प्रशस्ति,
खुद किया,
अंतिम बार हमारी,
शून्य वहां उठे ,
जहां अभिलाषा थी।
प्रति वर्ष
ढाई के साथ ही
मन ही मन सोचा कि ,
अब तक तो ,
आपने लोगों ने ,
अपनी जान से भी,
ज्यादा समय दिया
कोई पायल,
हाथ,
ज़ख्म में कमर,
पिछड़ा हुआ मान लिया,
मर्यादा पुरुषोत्तम
अपने धर्म,
का मार्ग,
और प्रशस्त,
खुद किया,
अंतिम बार तक,
अपने लिए कोई,
क्या किया?
- अभिषेक गुप्ता
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