आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

पिछड़ा हुआ मान लिया

                
                                                         
                            पुरुष का अर्थ
                                                                 
                            
पुरूष
शब्द क्या?
मर्यादा पुरुषोत्तम
अपने धर्म,
का मार्ग,
और प्रशस्ति,
खुद किया,
अंतिम बार हमारी,
शून्य वहां उठे ,
जहां अभिलाषा थी।
प्रति वर्ष
ढाई के साथ ही
मन ही मन सोचा कि ,
अब तक तो ,
आपने लोगों ने ,
अपनी जान से भी,
ज्यादा समय दिया
कोई पायल,
हाथ,
ज़ख्म में कमर,
पिछड़ा हुआ मान लिया,
मर्यादा पुरुषोत्तम
अपने धर्म,
का मार्ग,
और प्रशस्त,
खुद किया,
अंतिम बार तक,
अपने लिए कोई,
क्या किया?
- अभिषेक गुप्ता
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर