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गुप्त

                
                                                         
                            तुम समझो हमे जरूरी नही,
                                                                 
                            
काबील समझ हमे गुप्त यही काफी हैं।

जन्म का उल्लेख नही करने आया हूँ,
मोहब्बत तुझे नही मुझे है गुप्त ।

तेरे इश्क का ढोल बजा घूमू जरूरी क्या,
तुम समझ मेरे इश्क को गुप्त ।

क्या तारीफ़ करते हो गुप्त
उससे उसको पसंद सुन ले।

तारीफ बार-बार अछी ख़ासी नही
उसको कभी बेचेन रहने दो गुप्त ।

अंतर है कि वह अपनी नही रही
बार बार मेरी आंख खुली वो दूर मिली गुप्त ।
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34 मिनट पहले

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