मेरी बिटिया

Meri Bitiya
                
                                                             
                            सारे जग से न्यारी बिटिया, थी वो सबसे प्यारी बिटिया.
                                                                     
                            
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

चंदा जैसा मुखड़ा उज्जवल,
मुस्कान जैसे कली कमल.
झील सी प्यारी आँखे उसकी,
रंग जैसे उसका ताजमहल.

कोहिनूर से भी ज्यादा, अनमोल थी मेरी प्यारी बिटिया.
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

लेने को उसको गोद में,
जी सबका ललचाता था.
उसकी प्यारी मुस्कान से,
मन सबका बहल जाता था.

अपने पापा के गोद की, थी मेरी राजदुलारी बिटिया.
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

थाम कर उंगली पापा की,
गिरते-गिरते चलना सीखा.
नन्हे-नन्हे क़दमों से,
धीरे-धीरे बढ़ना सीखा.

मेरी इकलौती बेटी थी, मेरी राजकुमारी बिटिया.
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

स्कूल में हो या हो कॉलेज में,
आगे सबसे रहती थी वो.
जब भी आती थी घर पर,
बस एक ही बात कहती थी वो..

ना समझ मुझे बस बेटी तू, है बेटा ये तेरी बिटिया.
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

जिस दिन उसकी जॉब लगी थी,
खुशियाँ ही खुशियाँ थीं घर में.
जॉब लगी थी दिल्ली में,
रहने लगे थे हम शहर में.

उसे देखकर कहती थी मै, जाऊं तुझपे वारी बिटिया.
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

मृत्यु हुई जब पिता की उसके,
मै एकदम से टूट गयी.
नहीं रही आशा जीने की,
ज़िन्दगी मुझसे रूठ गयी.

मुझे सम्हाला बेटी ने, ली सारी जिम्मेदारी बिटिया.
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

ज़िन्दगी चल दी हमारी,
वक़्त के नख्श-ए-कदम पर.
घर को फिर घर बनाया,
बेटी ने अपने दम पर.

सब कहते लाखों में एक है, ऐसी थी हमारी बिटिया.
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

फिर आया हमारी ज़िन्दगी का,
सबसे बुरा और मनहूस दिन,
शिकार हुयी बेटी दरिंदों की,
गयी उसकी इज्ज़त छिन..

फिर भी दरिंदो से लड़ने को, की पूरी तैयारी बिटिया.
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

सबको सज़ा दिलाने को,
थी मन में उसने ठानी.
थाने से कोर्ट तक की,
धूल खूब उसने छानी..

पुलिस भी है दरिंदो की, दरिंदो से है हारी बिटिया.
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

फिर एक दिन बेटी मेरी,
न आई घर को लौट कर.
पुलिस को इक लाश मिली,
फेकी गयी थी काट कर..

दरिंदो से लड़ते-लड़ते, गयी दरिंदो से मारी बिटिया..
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

ये थी मेरी प्यारी बिटिया, मेरी राजकुमारी बिटिया..
मेरे घर के आँगन की, थी नन्ही सी क्यारी बिटिया..

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3 years ago

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