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साया

Saya
                
                                                         
                            तुम्हारी प्रीत के मधुरस की
                                                                 
                            
चाँदनी छलक-छलक
ह्रदय कलश में संचित हो
जीवन तरंग में
खुशियों के तराने
गुनगुना रही और मैं
आल्हादित हो
मगन सी
प्रेम पथ को
अप्रतिम आनन्द की
लहरों से संवार
दिल की गहन अनुभूतियों में
मेरे साये में
तुम्हारे अक्स को
संजो रही….!!!

- आरती बजाज ‘मन’

वापी-गुजरात

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8 वर्ष पहले

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