'गुनाहों का देवता’ उपन्यास को कॉलेज के दिनों में लगभग हर साहित्य प्रेमी ने अपने तकिए के बगल में रखा होगा। इसके पात्र चंदर और सुधा के बीच पनपते लगाव को हर संजीदा दिल महसूस कर सकता है। इलाहाबाद यानी आज के प्रयागराज की पृष्ठभूमि पर लिखी गयी एक ख़ूबसूरत कहानी जिसे आप एक ही बार में पूरा पढ़ जाएंगे। सन् 1949 में पहली बार प्रकाशित हुआ यह उपन्यास 2020 तक में भी उतना ही लोकप्रिय है। तथापि इसके लेखक धर्मवीर भारती ने इसे एक अपरिपक्व उपन्यास माना है।
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